बिजनेस की सीढ़ी बना सेक्स-2

(Business Ki Seedhi Bana Sex- Part 2)

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रवि ने अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया. रवीना की चीख निकल गयी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ उसने रवीना के कुंवारेपन की तो मां चोद दी थी. उसने अपना लंड झटके से बाहर निकाला और रवीना के पेट पर अपना सारा माल गिरा दिया. तूफ़ान थम चुका था. दोनों निढाल होकर पड़ गए और ऐसे ही सो गए.

रवि तो जल्दी ही खर्राटे भरने लगा.

रवीना सुबह धीरे से उठी और उसने उस तौलिये को जिसमें उसका और रवि का वीर्य लगा था जो उनके इस अनैतिक मिलन का गवाह था, संभाल के तह करके अपने बेग में रखा और अपने मोबाइल से रवि की नंगी फोटो और वीडियो खींची.
उसने रवि के नजदीक आकर अपनी और उसकी नंगी सेल्फी भी लीं.
रवि इस सबसे बेखबर सोता रहा.

रवीना ने बाथरूम जाकर गर्म पानी से शावर लिया. ब्लोवर के आगे उसके कपड़े सूख गए थे, उसने अपने को सही किया, अपने कागज़ इकट्ठे किये और रवि को उठाया.

रवि उसके किस से उठा और मुस्कुराते हुए रवीना को हग किया.
रवीना होटल से बाहर आ गयी और टैक्सी लेकर अपने पी जी आ गयी. उसका मकसद पूरा हुआ था. उसे नया बिजनेस तो मिला ही अब रवि पूरे उसके कब्जे में था.

असल में शाम से जब रवीना को मालूम पड़ा कि मीना ने रवीना को डिनर पर बुलाया है तो उसने इस बिजनेस डील का फायदा उठ कर 9 बजे से ही रवि को फोन करना शुरू कर दिया था. उसे मालूम था कि मीना रवि को फंसा लेगी और रवीना ये मौका मीना को न देकर खुद लेना चाहती थी.

दिन में ऑफिस में रवीना की कामयाबी के झंडे गड़े. मीना ने बुझे दिल से उसे बधाई दी.
रवि बहुत खुश था कि बिजनेस के साथ चूत भी मिली. उसे उस चूत की कीमत का अभी अंदाज नहीं था.

दो तीन दिन इसे ही निकल गए. इस बीच में रवि और रवीना ने एक दिन शाम को ही रवि के होटल में फटाफट सेक्स किया. रवि को मालूम ही नहीं पड़ा, रवीना ने एक स्पाई केम जो एक पेन में था, इसकी भी विडियो बना ली थी.

पर बदकिस्मती से रवीना के पिता की तबियत खराब की खबर आई और रवीना को तीन चार दिनों के लिए अपने घर जाना पड़ा. जाते जाते उसने रवि को प्यार से धमका दिया कि कोई भी नया बिजनेस किसी और के अकाउंट में न जाए.

उसके जाते ही मीना फुल स्विंग में आ गयी. जैसे ही उसे मालूम पड़ा कि कल रवीना अपने घर गयी है तीन चार दिनों के लिए तो उसने रवि को घेरने का जाल बिछाया. मीना को दिन में ऑफिस में मालूम पड़ा कि एक एक्सपोर्ट हाउस को अपने सभी एम्प्लाइज का मेडिकल इन्श्योरेंस और अपने बिज़नेस का मरीन इन्श्योरेंस कराना है, प्रीमियम लाखों में बैठेगा.

रवि ने इस प्रपोजल को रवीना के लिए रोकना चाहा तो मीना ने ऑफिस में ही हल्ला मचा दिया और उस कंपनी के मालिक जो एक 38 साल का व्यक्ति था, के साथ मीटिंग तय कर ली.
यही नहीं उसने फटाफट निर्णय लेते हुए रात एक बड़े होटल में डिनर टेबल और एक रूम बुक कर दिया.

रूम बुक करने का उसका कोई ख़ास प्रयोजन नहीं था. उसकी सोच यह थी कि डिनर से पहले ड्रिंक्स वगेरा रूम में हों और वहीं पार्टी को वो अपने लटके झटके दिखा दे, बस इससे ज्यादा कुछ नहीं. मजे की बात यह कि ये सब उसने इन्श्योरेंस कंपनी के खाते से ही किया.

मीना ने एक टैक्सी रात तक के लिए बुला ली और रवि को लेकर उस एक्सपोर्ट हाउस के ऑफिस चल दी. चार बजे से 6 बजे तक मारा मारी के बाद मीना और रवि ने उस एक्सपोर्ट हाउस से न केवल मेडिकल पालिसी ली बल्कि 50 करोड़ की मरीन इन्श्योरेंस पालिसी की बात भी लगभग पक्की कर ली.
उस कंपनी के डाईरेक्टर कुणाल ने उन्हें अगले दिन आकर डॉक्यूमेंटेशन करने को कहा.

इस पर मीना ने कहा कि सर हमारी कंपनी आज आपके सम्मान में एक आपको एक पर्सनल डिनर पार्टी दे रही है. इसमें सिर्फ मैं आप और रवि सर होंगे. पार्टी होटल के सुइट में है. उसने अपने शब्दों को गहरे अंदाज में होंठ घुमा कर कहा.
मीना ने कहा कि अगर कुणाल चाहें तो अपने साथ और लोग भी ला सकते हैं.

पर कुणाल भी खेला खाया था, वो क्यों और लोगों को लाकर रंग में भंग करता.

रात 9 बजे कुणाल होटल के सुइट में पहुँच गया. मीना और रवि पहले से ही वहां मौजूद थे. मीना ने एक स्ट्रेपलेस, बेकलेस काली ड्रेस पहनी थी. उसका मेकअप ऊँची हील की सेंडल और लाल चमकते नेल उसे किसी को भी मदहोश कर देने के लिए काफी थे.

मीना ने हाथ मिला कर कुणाल का स्वागत किया. अपने गोरे हाथों से ड्रिंक बना कर बड़ी अदा से उसे और रवि को दी.

रवि की अहमियत इस समय मीना के लिए नगण्य थी. मीना ने कुणाल से सिगरेट को पूछा तो उसने हाँ कह दिया. मीना ने उसे सिगरेट ऑफर करी और उसके बहुत नजदीक जाकर जला दी. मीना ने बड़ी अदा से अपने और रवि के लिए भी सिगरेट जलाई.

शराब के दौर चले.

यह तो तय था कि कुणाल पूरी तरह से मीना पर फ़िदा हो चुका था. मीना खेली खायी थी. उसने सोचा कि क्यों न एक तीर से दो शिकार किये जाएँ.
उसने बड़ी अदा से कुणाल को कह दिया कि सर ये सूट आज कि रात आपके लिए बुक है.
कुणाल बोला- सिर्फ मेरे लिए या आप भी यहीं हैं?
तो मीना हंस के बोली- नहीं सर, मैं तो चली जाऊंगी पर रवि सर आपको कंपनी देंगे.
इस पर कुणाल जोर से हंसा कि इनका मैं क्या करूँगा.

रवि झेंप गया.

मीना ने कुणाल से पूछा- सर डिनर यहीं लेंगे या नीचे रेस्तौराँ में चलें?
कुणाल बोला- अब कहीं नहीं जायेंगे, यहीं मंगा लो.

डिनर से निबटते निबटते 11 बज गए. कुणाल बोला- चलो अब घर चलता हूँ.
मीना ने रवि से धीरे से एक ओर ले जाकर कहा कि उसे कुणाल की उसकी बातों से ऐसा लग रहा है कि वो कुछ उखड़ रहा है, कहीं बिजनेस हाथ से न चला जाए.
रवि भी नर्वस था, बोला- क्या करूं?
मीना बोली कि चलो इसे वो टैकल कर लेगी. पर अगर ये डील हो गयी तो रवि को मीना को कंपनी से बेस्ट एजेंट का अवार्ड दिलाना होगा और उसे पचास हजार रूपये एक स्कीम के तहत दिलाने होंगे.

रवि मरता क्या न करता, उसने हाँ कह दी.
अब मीना ने बिलकुल बेशर्मी से उससे कहा कि अगर उसे भी अपनी रात रंगीन करनी हो तो वो दस हजार रुपये लेगी.
रवि की आँखों में मीना की जवानी का नशा था. वो जवानी जो पिछले हफ्ते मुफ्त में मिल रही थी आज खासी कीमत देकर मिलेगी. पर वो इसके लिए भी तैयार हो गया.

मीना ने रवि से कहा कि वो नीचे रिसेप्शन पर बैठ कर उसके फोन का इन्तजार करे.
रवि रूम से निकल लिया.

मीना कुणाल के पास पहुंची जो सोफे पर बैठा सिगरेट पी रहा था. मीना सोफे के हत्थे पर बैठ गयी और कुणाल के हाथ से सिगरेट लेकर कश मार दिया.
कुणाल जैसे ही अपना सर ऊपर उठाया, मीना ने उसके होंठों पर एक चुम्बन जड़ दिया. फिर वो खनखनाती हंसी से बोली- अरे आप तो जा रहे थे न अपने घर … जाइए न … चलिए मैं भी चलती हूँ.

वो जैसे ही खड़ी हुई कुणाल ने उसका हाथ पकड़ के उसे अपनी ओर खींच लिया. मीना सीधी उसकी गोदी में जाकर गिरी और फिर मीना ने अपनी गोरी नंगी बाहें कुणाल के गले में डाल दीं.
कुणाल ने नीचे झुककर मीना के होंठ चूम लिए. उसने एक हाथ मीना के मदमस्त मम्मों पर भी रख दिया.

मीना का क्लीवेज बहुत गहरा था. कुणाल ने अपनी उंगलियाँ उस क्लीवेज से अंदर घुसानी चाहीं. मीना ने इतरा कर कुणाल से कहा- आप ये क्या कर रहे हैं?
कुणाल बोला- हुस्न का मौका मुआयना कर रहे हैं.
मीना बोली- इससे मुझे क्या मिलेगा?
कुणाल बोला- इतना बड़ा बिजनेस दे रहा हूँ.
मीना भी पक्की थी … खेली खायी थी … बोली ये बिजनेस तो कंपनी को मिलेगा, मुझे तो कुछ और चाहिए.

कुणाल बोला- बोलो मेरी जान, तुम्हें क्या चाहिए?
मीना ने एक बार फिर डीप किस कुणाल को दिया और कहा- मुझे तुम्हारे साथ यू एस का ट्रिप चाहिए. वहाँ रोज जो जी में आये करना.
मीना को मालूम था कि इस महीने के एंड में कुणाल यूएस जाएगा.

कुणाल ने एक मिनट सोचा और फिर हंस कर हाँ कह दी.
मीना बोली- पक्का है न? भूल मत जाना?
कुणाल बोला- ये राठौर का वायदा है, झूठा नहीं होगा.

अब मीना खड़ी हो गयी और अपने हाथ फैला कर बोली कि मैं पूरी तुम्हारी हूँ … तुम कहो तो रवि को भी बुला लें … दो से तीन भले, क्योंकि उसे मालूम तो सब पड़ ही गया है, फिर वो अपना मुंह भी बंद रखेगा.

कुणाल को बात समझ में आ गयी. वो बोला- ठीक है … पर देख लेना कहीं कुछ बोले नहीं.
मीना बोली- वो मादरचोद क्या बोलेगा, उसका टुनटुना काट के हाथ में दे दूँगी. वो अभी बच्चा है.

रवि को फोन पर मीना ने कहा- आ जाओ.
रवि ऊपर आ गया.

कुणाल ने उससे हाथ मिलाकर कहा कि चलो आज मैडम का बैंड बजा लें.

मीना ने कहा कि वो शावर लेकर अभी आती है … तो कुणाल बोला- चलो मैं भी शावर लूँगा.
और मीना अपने कपड़े उतारती हुई बाथरूम की तरफ बढ़ गयी. मीना के पीछे पीछे कुणाल और रवि भी अपने कपडे उतार कर बाथरूम में आ गए. मीना ने बाथरूम की लाईट बंद कर दी और कहा कि कोई लाईट नहीं खोलेगा. फोर स्टार होटल का सुइट होने से बाथरूम भी बड़ा था.

बाथटब में मीना ने शावर खोला … पहले कुणाल आया और आते ही मीना को चिपटा लिया. पानी के झरने के नीचे दो गर्म जिस्म चिपट कर चूमाचाटी कर रहे थे. तभी पीछे से रवि भी आ गया. हालांकि प्रिविलेज कुणाल का था, पर रवि को भी बहती गंगा में हाथ धोने का मौका मिल रहा था.

मीना ने कुणाल के होंठ छोड़े और गर्दन घुमाकर रवि के होंठों पर किस किया. रवि ने एक हाथ से मीना की चूत का दाना सहलाया. कुणाल तो उसके मम्मों को चूस रहा था. मीना ने एक हाथ से कुणाल का लंड और एक हाथ से रवि का लंड सहला रही थी. अब एक मम्मा कुणाल और रवि चूस रहा था.

पानी से भीगने के बावजूद भी आग और भड़क गयी थी. कुणाल ने मीना की एक टांग ऊपर उठा कर अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया. बाथ टब में तीन लोगों लायक जगह नहीं थी. मीना को डर था कि कहीं वो फिसल ना जाए पर दो मजबूत जिस्मों के बीच वो चुद रही थी. रवि ने उसकी गांड के दरार में घुसना चाहा जो हो नहीं पाया.

मीना ने उन दोनों से कहा- चलो बेड पर चलो.
कुणाल बलिष्ठ था, उसने मीना को बाँहों में उठा लिया और तौलिया में लपेटकर बेड पर आराम से पटक दिया.

मीना उठी और अपने बदन को पौंछा. तब तक कुणाल और रवि भी गाउन लपेटकर आ गए. मीना ने अपना तौलिया लपेट लिया था और कुणाल और रवि के बीच में खड़ी हो गयी.

कहानी जारी रहेगी.
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